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बार बार पेशाब आने के कारण : à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿà¥à¤¸ मानते हैं कि अगर किसी कि बार-बार पेशाब आ रहा है या कà¥à¤› खाने-पीने के तà¥à¤°à¤‚त बाद टॉयलेट जाने की जरूरत पड़ रही है, तो किसी रोग का लकà¥à¤·à¤£ हो सकता है। इसके अलावा अगर आपको पेशाब आने के साथ बà¥à¤–ार हो, पेशाब कंटà¥à¤°à¥‹à¤² नहीं हो रहा हो, पेट में दरà¥à¤¦ या परेशानी हो, तो यह यूरिनरी टà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ (UTI) का संकेत हो सकता है।
Urination After Eating: कà¥à¤¯à¤¾ खाने के तà¥à¤°à¤‚त बाद आता है पेशाब ? ये 6 साइलेंट बीमारियां हो सकती हैं वजह
पेशाब सिरà¥à¤« शरीर से अपशिषà¥à¤Ÿ को निकालने का काम नहीं करता है बलà¥à¤•ि आपके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के बारे में à¤à¥€ बहà¥à¤¤ कà¥à¤› कहता है। पेशाब के रंग और बदबू से शरीर में पनप रही कई बीमारियों का पता लगाया जा सकता है। यही वजह है कि डॉकà¥à¤Ÿà¤° à¤à¥€à¤¤à¤°à¥€ बीमारियों की जांच करने के लिठपेशाब की जांच की सलाह देते हैं। दिन में कितनी बार पेशाब करना चाहिà¤? इस सवाल के जवाब में कà¥à¤²à¥€à¤µà¤²à¥ˆà¤‚ड कà¥à¤²à¤¿à¤¨à¤¿à¤• का मानना है कि दिन में चार से आठबार पेशाब करना वासà¥à¤¤à¤µ में पूरी तरह से सामानà¥à¤¯ है। अगर आप इससे अधिक पेशाब करने के लिठबाथरूम में जा रहे हैं, तो आपको सतरà¥à¤• हो जाना चाहिà¤à¥¤
आप जितना पानी पीते हैं, उसके हिसाब से पेशाब आना सही है लेकिन अगर आपको जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पेशाब आता है या हमेशा खाने के तà¥à¤°à¤‚त बाद पेशाब आता है, तो यह किसी अंदरूनी बीमारी का संकेत हो सकता है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिà¤à¥¤ बार-बार पेशाब आना किडनी की बीमारी से लेकर बहà¥à¤¤ अधिक तरल पदारà¥à¤¥ पीने तक कई अलग-अलग समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का लकà¥à¤·à¤£ हो सकता है।
पेशाब को लेकर समसà¥à¤¯à¤¾ कहां पैदा होती है? à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿà¥à¤¸ मानते हैं कि अगर किसी कि बार-बार पेशाब आ रहा है या कà¥à¤› खाने-पीने के तà¥à¤°à¤‚त बाद टॉयलेट जाने की जरूरत पड़ रही है, तो किसी रोग का लकà¥à¤·à¤£ हो सकता है। इसके अलावा अगर आपको पेशाब आने के साथ बà¥à¤–ार हो, पेशाब कंटà¥à¤°à¥‹à¤² नहीं हो रहा हो, पेट में दरà¥à¤¦ या परेशानी हो, तो यह यूरिनरी टà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ (UTI) का संकेत हो सकता है।
डायबिटीज
असामानà¥à¤¯ रूप से बार-बार पेशाब आना और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आना अकà¥à¤¸à¤° टाइप 1 और टाइप 2 डायबीटीज दोनों का à¤à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• लकà¥à¤·à¤£ होता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि शरीर पेशाब के जरिठगà¥à¤²à¥‚कोज से छà¥à¤Ÿà¤•ारा पाने की कोशिश करता है। à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आपको शाम के समय बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ में पानी और कैफीन के सेवन से बचना चाहिà¤à¥¤
पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ की समसà¥à¤¯à¤¾
बढ़े हà¥à¤ पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— (शरीर से मूतà¥à¤° को बाहर निकालने वाली नली) को दबा सकते हैं। इससे मूतà¥à¤° का पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ अवरà¥à¤¦à¥à¤§ हो सकता है। इससे मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ की दीवार खरब हो सकती है। मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ में थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में पेशाब होने पर à¤à¥€ सिकà¥à¤¡à¤¼à¤¨à¤¾ शà¥à¤°à¥‚ हो जाता है, जिससे बार-बार पेशाब आता है।
इंटरसà¥à¤Ÿà¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤² सिसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸
इंटरसà¥à¤Ÿà¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤² सिसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है जिससे मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ और पेलà¥à¤µà¤¿à¤• हिसà¥à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ हो सकता है। इसके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में अकà¥à¤¸à¤° ततà¥à¤•ाल और बार-बार पेशाब करने की आवशà¥à¤¯à¤•ता शामिल है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में पेशाब करने की इचà¥à¤›à¤¾ तो होती है लेकिन पेशाब खà¥à¤²à¤•र नहीं आता है।
सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• या अनà¥à¤¯ तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा संबंधी रोग
कई बार मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ की आपूरà¥à¤¤à¤¿ करने वाली नसों को नà¥à¤•सान होने से मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ के कारà¥à¤¯ में समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ पैदा हो सकती हैं। à¤à¤¸à¥‡ होने से बार-बार और अचानक पेशाब करने की इचà¥à¤›à¤¾ होती है। यह à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है जिसका तà¥à¤°à¤‚त और सही इलाज जरूरी है।
हाइपरलकसीमिया
इसका मतलब है कि आपके रकà¥à¤¤ में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® का सà¥à¤¤à¤° सामानà¥à¤¯ से ऊपर है। हाइपरलकसीमिया अकà¥à¤¸à¤° गरà¥à¤¦à¤¨ में चार छोटी गà¥à¤°à¤‚थियों (पैराथायरायड गà¥à¤°à¤‚थियों) या कैंसर से अति सकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ के कारण होता है। हाइपरलकसीमिया के लकà¥à¤·à¤£ हलà¥à¤•े से लेकर गंà¤à¥€à¤° तक होते हैं। उनमें बढ़ी हà¥à¤ˆ पà¥à¤¯à¤¾à¤¸ और पेशाब, पेट में दरà¥à¤¦, मतली, हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦, मांसपेशियों में कमजोरी, à¤à¥à¤°à¤® और थकान शामिल हो सकते हैं।
पेलà¥à¤µà¤¿à¤• फà¥à¤²à¥‹à¤° डिसऑरà¥à¤¡à¤°
यह à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है जिसमें पेलà¥à¤µà¤¿à¤• हिसà¥à¤¸à¥‡ की मसलà¥à¤¸ कमजोर हो जाती हैं। यह मसलà¥à¤¸ मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ और पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ अंगों को सहारा देती हैं। इसके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में कबà¥à¤œ होना, मल करने के लिठजोर लगाना, बार-बार पेशाब करने की इचà¥à¤›à¤¾ महसूस होना आदि शामिल हैं। इसके अलग-अलग कारण हो सकते हैं, जैसे कि बचà¥à¤šà¥‡ का जनà¥à¤®, जो पेलà¥à¤µà¤¿à¤• फà¥à¤²à¥‹à¤° को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चा सकता है या उमà¥à¤° बढ़ने से मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ की मांसपेशियां कमजोर हो सकती हैं।
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